Global investor confidence in India has risen; several companies have announced new investments.

वैश्विक महाशक्ति बनता भारत: बापू के विचारों से ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ता अभेद्य राष्ट्र

2 अक्टूबर का दिन केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का अपनी संप्रभुता और सामर्थ्य को फिर से रेखांकित करने का अवसर है। राजघाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बापू को दी गई श्रद्धांजलि केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक आर्थिक और सामरिक महाशक्ति बन रहे भारत का संकल्प है। दुनिया जब आज युद्ध और अस्थिरता की आग में जल रही है, तब भारत बापू के स्वावलंबन के सिद्धांत को ‘आत्मनिर्भर भारत’ में बदलकर वैश्विक मंच पर अपनी शर्तें तय कर रहा है।

पश्चिम की खोखली नीतियां जब घुटने टेक रही हैं, तब भारत ने अपने घरेलू उत्पादन और घरेलू अर्थव्यवस्था को इतना मजबूत कर लिया है कि कोई भी विदेशी दबाव इसे हिला नहीं सकता। गांधी जयंती के इस पावन अवसर पर देश ने दुनिया को साफ संदेश दे दिया है कि भारत अपनी नीतियों का निर्धारण अपनी माटी की ताकत से करेगा, किसी विदेशी आका के इशारे पर नहीं।

चीन से लेकर पश्चिमी देशों तक, भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और विनिर्माण क्षेत्र में आई क्रांति ने दुनिया की नींद उड़ा रखी है। बापू के स्वदेशी के मंत्र को भारत ने रक्षा निर्माण से लेकर आधुनिक तकनीक तक लागू कर दिया है। आज ‘मेक इन इंडिया’ का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है और यही वो आर्थिक ढाल है जो भारत को हर वैश्विक संकट से सुरक्षित रखती है।

भारत अब रक्षा और कूटनीति के मोर्चे पर रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रुख अपनाता है। शांति हमारी ताकत है, कमजोरी नहीं—इसे भारत ने बार-बार साबित किया है।

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4rtheye web Desk
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