आज तड़के पश्चिमी सीमा पर युद्ध ने सबसे खौफनाक मोड़ ले लिया है, जब यूक्रेनी वायुसेना और ड्रोन ब्रिगेड ने एक साथ 1000 से अधिक आत्मघाती ड्रोन्स से रूस के ऊर्जा ढांचे पर हमला बोल दिया। यह हमला इतना भयावह था कि सेंट पीटर्सबर्ग और सीमावर्ती इलाकों में मौजूद कई प्रमुख रिफाइनरियां और तेल डिपो धू-धू कर जल उठे। रूसी वायु रक्षा प्रणाली इतने व्यापक हमले को संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई, जिसके बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाकर इसे ‘सीधा युद्ध अपराध’ करार दिया है।
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, यह अब तक का सबसे बड़ा समन्वित ड्रोन हमला है, जिसका सीधा मकसद रूस की ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह ध्वस्त करना था। हमले के बाद रूसी शहरों के आसमान में काला धुआं छा गया और कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। इस हमले से पूरे यूरोप और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हड़कंप मच गया है। कच्चे तेल की कीमतें अचानक 8% तक उछल गईं, क्योंकि दुनिया को बड़े तेल संकट की आशंका सताने लगी है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन का यह दुस्साहसिक कदम पूरे क्षेत्र में तीसरे विश्व युद्ध की चिंगारी को भड़का सकता है। रूस की ओर से पलटवार के रूप में कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़े हमले की तैयारी की खबरें आ रही हैं।
यूक्रेन का यह हमला साफ संकेत है कि युद्ध अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रूस के दिल तक पहुंच चुका है। वैश्विक शक्तियां अब पुतिन के अगले आत्मघाती या विनाशकारी कदम के डर से थर-थर कांप रही हैं।






