भारत के बाद अब खाड़ी में ‘न्यूक्लियर खतरा’! UAE परमाणु प्लांट पर ड्रोन हमला, दुनिया में मचा हड़कंप

संयुक्त अरब अमीरात के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। 26 मई 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। रिपोर्ट के अनुसार, हमले के दौरान प्लांट के बाहरी हिस्से में आग लग गई थी। हालांकि किसी रेडियोधर्मी रिसाव की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।
यूएई सरकार का कहना है कि छह ड्रोन इराक की दिशा से छोड़े गए थे। इनमें से एक ड्रोन ने प्लांट के परिधि क्षेत्र को निशाना बनाया। इस हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन रिपोर्टों में ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों की गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कहा कि किसी भी न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह हमला प्लांट के संवेदनशील हिस्से तक पहुंच जाता तो खाड़ी क्षेत्र में बड़ा परमाणु संकट पैदा हो सकता था। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां अब यूएई की सुरक्षा व्यवस्थाओं और क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही हैं।
इस घटना के बाद वैश्विक तेल बाजारों में भी हलचल देखी गई। निवेशकों को आशंका है कि अगर खाड़ी में संघर्ष बढ़ा तो ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने भी स्थिति पर चिंता जताई है।



